एसएमएस -प्रतिनिधी -मिलन शहा
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने 2020 दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद और शरजील इमाम की ज़मानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। हालांकि, इसी मामले में पांच अन्य आरोपियों को कोर्ट ने ज़मानत दे दी है। यह फैसला जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन.वी. अंजानिया की पीठ ने सुनाया।
उमर खालिद और शरजील इमाम ने लंबे समय से न्यायिक हिरासत में रहने का हवाला देते हुए ज़मानत की मांग की थी। उनकी याचिकाओं पर सुनवाई पूरी होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 10 दिसंबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब सुनाया गया है।
फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत लंबे समय तक हिरासत को मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के रूप में प्रस्तुत किया था। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि अनुच्छेद 21 की व्याख्या अलग-थलग नहीं की जा सकती। जिन मामलों में देश की सुरक्षा और अखंडता से जुड़े गंभीर आरोप हों, वहां केवल ट्रायल में देरी को ज़मानत का निर्णायक आधार नहीं माना जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि उमर खालिद और शरजील इमाम की भूमिका और स्थिति अन्य आरोपियों से भिन्न है। इसी आधार पर उनकी ज़मानत याचिकाएं खारिज की गईं।
वहीं, कोर्ट ने मामले के अन्य पांच आरोपियों—मीरान हैदर, गुल्फिशा फातिमा, शिफा-उर-रहमान, मोहम्मद शकील खान और शादाब अहमद—को ज़मानत दे दी है।
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