
भिमा कोरेगाव मे 1जनवरी 2018 को हुये दंगे के बाद जांच के लिये भिमा कोरेगाव आयोग का तत्कालीन फडणवीस सरकार ने गठन किया था। कई बुद्धिजीवी और विचारवंत इस केस मे गिरफतार किये गये है।
प्रतिनिधी:वैशाली महाडिक
मुंबई,राष्ट्रवादी काँग्रेस पार्टी के मुखीया और महाविकास आघाडी सरकार के प्रणेता शरद पवार को भिमा कोरेगाव जांच आयोग के समक्ष 23 ,24 फरवरी को पेश होना था। इस बीच राष्ट्रवादी काँग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और महाविकास आघाडी मे मंत्री नवाब मलिक ने एक विडिओ स्टेटमेंट जारी कर यह जानकारी सांझा की है की शरद पवार भिमा कोरेगाव जांच आयोग के समक्ष जरूर पेश होंगे मगर 23 या फरवरी को नही। शरद पवार को भिमा कोरेगाव जांचं आयोग ने पहले भी आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखने के लिये कई समन्स दिये थे। परंतु पवार आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखने के लिये उपस्थित नही हुये और ना ही उनहोने कोई कारण बताया । लेकीन अबकी बार शरद पवार ने पत्र लिखकर भिमा कोरेगाव आयोग के समक्ष पेश होने की बात कही है। इस खबर से राजनैतिक गलीयारो मे चर्चा गरमाई है।मात्र पवार ने यह नही बताया की कब वह भिमा कोरेगाव आयोग के समक्ष पेश होंगे।