एसएमएस -प्रतिनिधी -मिलन शहा
महाराष्ट्र : मुंबई में ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों के लिए आने वाले दिनों में नियम और सख्त हो सकते हैं। महाराष्ट्र सरकार ने ड्राइवर परमिट से जुड़े नियमों के तहत मराठी भाषा की जानकारी को लेकर एक नया कदम उठाया है।
मीरा-भायंदर में पायलट वेरिफिकेशन ड्राइव शुरू की गई है, जहां 12,000 से ज्यादा ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों के परमिट, डोमिसाइल सर्टिफिकेट और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इसके साथ ही ड्राइवरों को मराठी भाषा का टेस्ट भी देना पड़ रहा है, जिसमें बेसिक पढ़ना, लिखना और बोलना शामिल है।
यह प्रक्रिया मौजूदा मोटर व्हीकल नियमों के तहत ही है, लेकिन अब इसे अधिक सख्ती से लागू किया जा रहा है। पहले जहां केवल एक साधारण प्रमाणपत्र पर्याप्त था, वहीं अब ड्राइवरों को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में सीधे मराठी लिखकर और बोलकर अपनी भाषा क्षमता साबित करनी होगी।
अधिकारियों के अनुसार, जो ड्राइवर टेस्ट में असफल होते हैं या जिनके दस्तावेज़ अमान्य पाए जाते हैं, उनके लाइसेंस या परमिट को सस्पेंड या रद्द किया जा सकता है। इस पहल का उद्देश्य परमिट वितरण में पारदर्शिता लाना और यह सुनिश्चित करना है कि ड्राइवर यात्रियों से स्थानीय भाषा में प्रभावी संवाद कर सकें।
यह पायलट प्रोजेक्ट 1 मई, यानी महाराष्ट्र दिवस तक जारी रहेगा। इसके परिणामों के आधार पर सरकार इस नियम को पूरे राज्य में लागू करने पर विचार कर सकती है।