एसएमएस-प्रतिनिधी -मिलन शहा
मिरा-भाईंदर : शांति गार्डन स्थित पंचमुखी कष्टभंजन हनुमान मंदिर परिसर में सोमवार सुबह आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के दौरान भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता द्वारा शिवसैनिक सुनील केसरी को सैकड़ों श्रद्धालुओं के बीच खुलेआम धमकी दिए जाने का आरोप सामने आया है। खाटू श्याम जी की मूर्ति स्थापना और महिलाओं की भव्य कलश यात्रा के दौरान यह घटना हुई।
शिवसैनिक सुनील केसरी के अनुसार वे अपने परिवार और शिवसेना जिला प्रमुख राजू बोहिर के साथ कार्यक्रम में उपस्थित थे। इसी दौरान दर्शन के लिए आए भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता ने मंदिर प्रांगण में ही उनके पास आकर कथित रूप से धमकी दी।केसरी ने आरोप लगाया कि विधायक मेहता ने कहा—
“सुनील, मैंने तुम्हें पद इसलिए नहीं दिया क्योंकि तुम विधानसभा चुनाव के समय प्रताप सरनाईक के ऑफिस में गए थे। मेरे बारे में सोशल मीडिया पर कुछ उल्टा-सीधा मत लिखना। अपनी लिमिट क्रॉस मत करना, नहीं तो आज चुनाव है, कल नहीं रहेगा उसके बाद क्या…।
”केसरी का कहना है कि यह पूरा संवाद उनके परिवार और करीब 200 श्रद्धालुओं के सामने हुआ।
उन्होंने बताया कि मेहता के जाने के बाद कार्यक्रम में मौजूद कई श्रद्धालु उनके पास आकर बोले कि “मंदिर जैसे पवित्र स्थान पर विधायक का ऐसा व्यवहार ठीक नहीं था।”
सुनील केसरी ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2023 में वे केवल एक सामाजिक संस्था के कार्यक्रम के लिए प्रताप सरनाईक को आमंत्रित करने गए थे। उन्होंने कहा कि “भाजपा के जिला अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महामंत्री सहित कई पदाधिकारी आज भी नियमित रूप से सरनाईक साहब के कार्यालय में आते हैं। फिर मेरे सरनाईक से मिलने पर सवाल क्यों?”
उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भाजपा के किसी पदाधिकारी—रवि व्यास, किशोर शर्मा या दिलीप जैन—से कोई पद नहीं मांगा।
“मेहता जी खुद कहते थे कि वे प्रदेश नेतृत्व से बात करके मुझे पद दिलवाएँगे,” केसरी का दावा है।
अपने परिवार के राजनीतिक और प्रशासनिक पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए केसरी ने कहा,
“मेरे नाना स्वर्गीय श्री सीताराम केसरी कांग्रेस के अध्यक्ष थे। मेरा भाई आज IAS–IPS–IRS में है और मेरी बहन व उनका पति न्यायालय में जुडिशल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास के पद पर कार्यरत हैं। ऐसे में मुझे धमकियाँ देना उचित नहीं है।”
उन्होंने कहा कि उन्हें चुनाव की नहीं, बल्कि शहर की जनता की चिंता है।
“मेहता जी को विधायक बनाने में मेरा भी थोड़ा योगदान है। शायद यह मेरी जिंदगी की पहली और आखिरी गलती थी। मैं अपनी देवतुल्य जनता के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हूँ,” केसरी ने कहा।
इस मामले में भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता की प्रतिक्रिया फिलहाल सामने नहीं आई है।
इलेक्शन आते हि एक दूसरे को भला बुरा बोलने का सिलसिला शुरू हो जाता है सच्च तो यह है कि रात मे मिलकर पार्टीयां करते हैं
Very bad
Very wrong actbya publicrepresentative