
एसएमएस -प्रतिनिधी
मुंबई: मालाड पश्चिम स्थित बैंक ऑफ इंडिया की मालवणी शाखा के एटीएम केंद्र के बाहर सुरक्षा गार्ड की अनुपस्थिति के कारण नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी लापरवाही का खामियाजा एक महिला को भुगतना पड़ा, जिनके पैसे एटीएम मशीन में फँस गए।
13 तारीख की रात लगभग 8 बजे लक्ष्मी गुप्ता ने अपने बचत खाते में एटीएम के माध्यम से ₹3,000 जमा किए। लेकिन पैसे मशीन में डालने के बाद अचानक एटीएम बंद हो गया और उनकी राशि अंदर ही अटक गई।
घटना के बाद लक्ष्मी गुप्ता ने बैंक के सुरक्षा गार्ड को खोजने का प्रयास किया, लेकिन एटीएम के बाहर कोई भी मौजूद नहीं था। मजबूर होकर वे कुछ समय तक एटीएम कक्ष में ही बैठी रहीं।
इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता व पत्रकार सोमा डे ने उन्हें ढाँढस बंधाया और बैंक के पास खड़ी पुलिस वैन में मौजूद पुलिसकर्मियों को घटना की जानकारी दी। आरोप है कि पुलिस ने यह कहते हुए मदद से इनकार कर दिया कि “यह हमारा काम नहीं है।”
इसके बाद सोमा डे, लक्ष्मी गुप्ता को साथ लेकर मालवणी पुलिस थाने पहुँचीं। वहाँ पुलिस ने बताया कि सोमवार को बैंक शाखा में शिकायत दर्ज कराने पर पैसे वापस मिल जाएंगे और आवश्यक सहयोग भी किया जाएगा।
जब बैंक ऑफ इंडिया मालवणी शाखा के प्रबंधक आशीष शर्मा से पूछा गया कि शनिवार, 13 दिसंबर को शाखा के बाहर सुरक्षा गार्ड क्यों नहीं था, तो उन्होंने इस सवाल का स्पष्ट जवाब देने से बचते हुए कहा कि देशभर में किसी भी एटीएम के बाहर सुरक्षा गार्ड नहीं होते, केवल शाखा के बाहर तैनात रहते हैं।
वहीं, बाहर तैनात सुरक्षा गार्ड से पूछने पर उसने बताया कि शनिवार को उसकी छुट्टी थी, इसलिए उस दिन कोई भी सुरक्षा कर्मी मौजूद नहीं था।
इस घटना के बाद एटीएम केंद्रों और बैंक शाखाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। खासकर महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नागरिकों ने बैंक प्रशासन से तत्काल ठोस कदम उठाने की माँग की है।
इस बीच, 15 तारीख को लक्ष्मी गुप्ता द्वारा बैंक शाखा में इस संबंध में जानकारी देने के बाद बैंक प्रशासन ने आश्वासन दिया कि कुछ ही घंटों के भीतर उनकी राशि उनके खाते में जमा कर दी जाएगी।

जनता के सुरक्षता के बारेमे किसी भी सरकारी अधिकारी के पास कोई जवाब नहीं है और न्याय मिलेगा ये तो सिर्फ आपके सपने में
Baki dono atm masin v kam nhi kar rh tha
Great Soma!!
एटीएम की यह तकलीफे दिनभर दिन बढती ही जा रही है. जिसके चलते उसका नुकसान करदाता जनता को उठाना पडता है, दौरान खुद के लीये बडी तकलीफोका सामना करते हुवे यह सामान्य ‘ मतदार ‘ जनता का एनटाइम पैसा भी सुरक्षित न होनेसे डर और उतनाही गुस्सा बढ गया है! ग्राहकोने भी कुछ बाते समजते हुए सीधे सहाय्यक प्रबंधक (बँक मॅनेजर) को लिखित मे शिकायत करनी चाहिए, जबकी उन्हे भी मालूम चाहिए की एटीएम के साथ ग्राहक भी असुरक्षित है!…
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