प्रतिनिधी :मिलन शहा
महाराष्ट्र की 19 वर्षीय युवा खिलाड़ी दिव्या देशमुख ने सोमवार को शतरंज की बिसात पर शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। दिव्या ने महिला शतरंज विश्व कप के फाइनल में भारत की कोनेरू हम्पी को 2.5-1.5 से हराकर विश्व चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया। यह पहली बार है जब कोई भारतीय महिला खिलाड़ी विश्व चैंपियन बनी है। इस सफलता के बाद दिव्या को देश भर से बधाइयों का तांता लग गया।
मुझे इसे अनुभव करने के लिए खुद को कुछ समय देना होगा। यह मेरे खुद पर विश्वास का परिणाम है। इस प्रतियोगिता के शुरू होने से पहले, मेरा कोई मानक नहीं था; लेकिन अब मैं ग्रैंडमास्टर बन गई हूँ। इसलिए, यह सफलता अभूतपूर्व है।–दिव्या देशमुख, महिला विश्व चैंपियन
दिव्या देशमुख ने सेमीफाइनल मैच में टैन झोंक्सी को 1.5-0.5 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। कोनेरू हम्पी ने सेमीफाइनल मैच में लेई टिंगजी को हराकर फाइनल में प्रवेश किया था।
महिलाओं में चौथी भारतीय ग्रैंडमास्टर (हम्पी, वैशाली और हरिका )
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बधाई देते हुये कहा पूरे महाराष्ट्र की ओर से, मैं दिव्या देशमुख को हार्दिक बधाई देता हूँ। दिव्या को इस अनूठी उपलब्धि के लिए सम्मानित किया जाएगा। यह सफलता उभरते शतरंज खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी-
Congrats
Good