
एसएमएस-प्रतिनिधी-उत्कर्ष बोर्ले
न्याय और मानवाधिकार की आवाज अब खामोश
मुंबई : जन हक्क संघर्ष समिति की वरिष्ठ और न्याय के लिए संघर्ष करने वाली कार्यकर्ता अंजना तायडे का ६२ वर्ष की आयु मे आज 30 नवंबर 2025 को दुखद निधन हो गया। पिछले एक सप्ताह से उनका इलाज सायन अस्पताल में चल रहा था। अस्पताल प्रशासन द्वारा डिस्चार्ज के समय ₹12,000 रुपये की एक अतिरिक्त जांच कराने की मांग की गई थी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार यह खर्च नहीं उठा सका और उन्हें अस्पताल से घर ले जाना पड़ा। मात्र एक दिन बाद उनका निधन हो गया। बढ़ते इलाज के खर्च और इलाज में होने वाली आर्थिक मांग एक बार फिर आम नागरिक की जिंदगी पर भारी साबित हुई है।
अंजना तायडे जन हक्क संघर्ष समिति के गठन काल से ही पंचशील नगर में सक्रिय थीं। पढ़ाई सीमित होने के बावजूद उनमें न्याय की समझ, संघर्ष की चेतना और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों के प्रति अटूट निष्ठा थी। समाज के दबे-कुचले और हक से वंचित लोगों की आवाज बनने में ताई का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
उनके निधन से पंचशील नगर और समिति के कार्यकर्ताओं को अपूरणीय क्षति हुई है।उनके पश्चात बेटा और पोते पोतीया है..
आज शाम 4 बजे उनकी अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। तायडे के निधन से पंचशील नगर में शोक की लहर
न्याय और मानवाधिकार की आवाज अब खामोश!!
Kya sarkar kuch test free nhi kar sakte….
समाज के लिए हमेशा लड़ने के लिए तयार अंजना तायडे जी का आखिरी वक्त ईलाज के लिए धन कि कमी होना यह बहुत दुख की बात है ईस समाज को लेना आता है देना नहीं आता ईश्वर चरणी प्रार्थना है उनकि आत्मा को शान्ती प्रदान करे
VerySadand pathetic Rip
Rip