
एसएमएस -प्रतिनिधी -कृष्णा वाघमारे
मुंबई : मालाड (पूर्व) के कुरार विलेज, हाइवे के समीप स्थित सन 1960 से पूर्व स्थापित जरीमाता मंदिर इन दिनों विवादों के भंवर में फंसले असून मंदिर बचाव समिति की ओर से सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया गया। मंदिर के पुजारी, स्थानीय कार्यकर्ता, आर. पी. न्यूज़ के मुख्य संपादक राजेश पांडे, पत्रकार दीनानाथ तिवारी और एडवोकेट यादव के नेतृत्व में यह आंदोलन आयोजित किया गया।
स्थानीय नागरिकों में मंदिर को लेकर तीव्र नाराजगी असून उन्होंने बिल्डर को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दिली कि “जरीमाता अत्यंत जागृत देवी हैं; मंदिर के खिलाफ कोई भी कदम उठाना हम सहन नहीं करेंगे।”
इसीदरम्यान, जानू भोये नगर स्थित 14 सार्वजनिक मंदिरों की उपेक्षा किए जाने का आरोप भी आंदोलनकारियों ने ओंकार बिल्डर पर लगाया। “इन मंदिरों पर ध्यान देना आवश्यक है, भक्तों की आस्था और सांस्कृतिक विरासत की अनदेखी नहीं चल सकती,” ऐसा मत राजेश पांडे ने व्यक्त किया।
इस आंदोलन में विधायक बच्चू कडू के समर्थकों नेही सहभाग लेकर आपला पाठिंबा दर्शविला। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट भूमिका मांडते हुए कहा कि “जब तक ओंकार बिल्डर उसी स्थान पर जरीमाता मंदिर का पुनर्निर्माण नहीं करता, तब तक आंदोलन पीछे नहीं हटेगा।”
घोषणाबाजी, रोषपूर्ण वातावरण और बड़ी संख्या में एकत्रित भक्तांच्या उपस्थितीत हे आंदोलन विशेष लक्षवेधी ठरले।
बिल्डर पुढे धर्माचा विसर पडतो??