एसएमएस -प्रतिनिधी
मुंबई : महानगरपालिका के पी/उत्तर एवं पी/पूर्व विभाग के स्वास्थ्य तंत्र में चल रही कथित अनियमितताओं का खुलासा ‘समता सामाजिक संघ’ ने सूचना का अधिकार (RTI) कानून के माध्यम से किया है। संगठन ने मलेरिया विभाग में कार्यरत कर्मचारी वंदना गुळकर पर प्रशासनिक नियमों के उल्लंघन का गंभीर आरोप लगाया है।
RTI के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार, नियमानुसार मलेरिया कर्मचारियों को घर-घर जाकर रक्त नमूने एकत्र करना अपेक्षित होता है। हालांकि, पहले से मलेरिया पॉजिटिव पाए गए मरीजों के रक्त नमूने निजी अस्पतालों में जाकर लिए जाने का मामला सामने आया है। इससे मलेरिया मरीजों की संख्या कृत्रिम रूप से बढ़ाए जाने की आशंका जताई जा रही है।
इसके अलावा, तबादला नियमों की अनदेखी करते हुए वंदना गुळकर पिछले 9 वर्षों से एक ही विभाग में कार्यरत हैं। सहकर्मी सर्वेश पाटील की पदोन्नति के बाद उनका अतिरिक्त कार्यभार भी वंदना गुळकर को सौंपे जाने से प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए हैं।
मालाड स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत आने वाली विभिन्न निर्माण साइटों पर हेल्थ कार्ड प्रमाणित करने और निर्माण श्रमिकों की जांच के लिए डॉ. अवधेश सिंह नामक एक ही निजी डॉक्टर की नियुक्ति किए जाने की जानकारी भी RTI से सामने आई है। एक ही डॉक्टर को इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपे जाने को लेकर संगठन ने आपत्ति जताते हुए वंदना गुळकर और संबंधित डॉक्टर के बीच ‘अर्थपूर्ण हितसंबंध’ होने का संदेह व्यक्त किया है।
बरसात के तीन महीनों में 27 मलेरिया मरीज मिलने का दावा किया गया है, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और नगर निगम के दिशा-निर्देशों के अनुसार ‘एक्टिव सर्विलांस’ के तहत रोकथाम उपाय प्रभावी रूप से लागू किए गए या नहीं, इस पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
इस प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए समता सामाजिक संघ के अध्यक्ष संजयभाऊ सयाजी वाघमारे ने कहा कि प्रशासन इन गंभीर मुद्दों की अनदेखी कर रहा है। सभी सबूतों के साथ संबंधित विभागों में शिकायत दर्ज की गई है। यदि 15 दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई, तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से तीव्र आंदोलन करेगा।
संघ के कानूनी सलाहकार एडवोकेट रोहन कोरडे और एडवोकेट प्रशांत गमरे ने इस मामले की गहन जांच कर दोषियों पर महाराष्ट्र सिविल सेवा नियमों के तहत कार्रवाई की मांग नगर आयुक्त से की है।
कोट:
“वंदना गुळकर का तबादला या उन्हें किस विभाग में भेजा जाए, यह हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं है। यह आदेश मुख्यालय से आता है। हमें उन्हें रिलीज करने के निर्देश मिले तो उन्हे रिलीज करदेंगे। जहां तक डॉ. अवधेश सिंह का सवाल है, हमें इसकी जानकारी नहीं है। आमतौर पर पालिका द्वारा नियुक्त स्टाफ ही नमूने एकत्र करता है। यदि किसी डेवलपर ने अपनी साइट पर निजी डॉक्टर नियुक्त किया हो, तो उसकी जानकारी हमारे पास नहीं है।”
— डॉ. तुलशीदास करपे,
चिकित्सा अधिकारी, पी/पूर्व विभाग
RTI से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पी/पूर्व विभाग के मलेरिया खाते में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। मलेरिया रोकथाम विभाग का मुख्य उद्देश्य होने के बावजूद, संबंधित कर्मचारी द्वारा नियमबाह्य तरीके से निजी अस्पतालों में जाकर रक्त नमूने लेने और मरीजों की संख्या बढ़ाकर बताने के आरोप सामने आए हैं।
एक ही विभाग में 9 वर्षों से कार्यरत रहना और निर्माण साइटों पर जाने वाले स्थानीय डॉक्टर से कथित संबंधों के चलते, जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किए जाने का आरोप संगठन ने लगाया है। वरिष्ठ अधिकारियों से तत्काल संज्ञान लेकर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
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Jaldi sahi karbai honi chiye