विजय यादव
मुंबई। कांग्रेस के पुराने नेता जितिन प्रसाद आज कांग्रेस का दामन छोड़ भाजपा में शामिल हो गए। जितिन के प्रवेश से भाजपा खुश है। भाजपा उत्तर प्रदेश के अगले चुनाव में ब्राहमण चेहरे के रूप में उपयोग कर सकती है। जितिन प्रसाद के भाजपा में शामिल होने से क्या उत्तर प्रदेश में नाराज ब्राहमण भाजपा ने लौट आएगा? यह तो समय ही बता सकता है। कांग्रेस मे रहते जो ब्राह्मण वर्ग उन्हे जातीय नेता के रूप में नहीं देखा क्या वही समाज अब इन्हे ब्राह्मण अगुआ के रूप में स्वीकार करेगा? ऐसे तमाम प्रश्न है जो समय के साथ लोगों के सामने स्वत: आ जाएंगे। फिलहाल हम जानते हैं कि जितिन प्रसाद कौन हैं?
कौन हैं जितिन प्रसाद?
47 वर्षीय जितिन प्रसाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जितेंद्र प्रसाद के पुत्र हैं। यह वही जितेंद्र प्रसाद हैं जो कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनौती दी थी। जितिन प्रसाद ने 2001 में कांग्रेस के साथ अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया, फिर भारतीय युवा कांग्रेस के महासचिव के रूप में कार्य किया।
2004 में उन्होंने अपना पहला लोकसभा चुनाव अपने गृहनगर शाहजहांपुर से जीता। वह 2009 में धौरारा से जीते थे। 2014 में वह भारतीय जनता पार्टी की रेखा वर्मा से हार गए।
प्रसाद ने पूर्व प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह के मंत्रिमंडल में इस्पात राज्य मंत्री के रूप में मंत्री के रूप में भी कार्य किया। उन्हें हाल ही में पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई के लिए AICC का महासचिव नियुक्त किया गया था।
पार्टी ने उन्हें 2019 में चुनाव लड़ने के लिए टिकट देने से इनकार कर दिया। प्रसाद लखनऊ से चुनाव लड़ना चाहते थे। तभी से कांग्रेस के प्रति उनकी नाराजगी दिखने लगी थी। जितिन उन 23 कांग्रेसी नेताओं में भी शामिल थे, जिन्होंने लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद संगठनात्मक बदलाव का आह्वान किया था।
जितिन प्रसाद का जन्म 29 नवंबर 1973 को हुआ था। वह एमबीए हैं और दिल्ली विश्वविद्यालय से वाणिज्य स्नातक हैं। उनके पिता जितेंद्र प्रसाद भी कांग्रेस के नेता थे और उन्होंने 2000 में पार्टी अध्यक्ष पद के लिए सोनिया गांधी को चुनौती दी थी।
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