मालाड काचपाडा ट्रांझिट बिल्डिंग जर्जर अवस्था मे..

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एसएमएस -प्रतिनिधी -उत्कर्ष बोर्ले

मुंबई : मालाड पश्चिम स्थित कांचपाड़ा क्रमांक 1 के एसआरए प्रोजेक्ट अंतर्गत बनी ट्रांज़िट इमारत फिलहाल अत्यंत जर्जर हालत में पहुँच चुकी है, जिससे रहिवासियों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। पुराने घरों के पुनर्विकास के लिए बिल्डर हसमुख गांधी द्वारा अस्थायी व्यवस्था के तहत यह सात मंज़िला इमारत बनाई गई थी, लेकिन कई सालों से किसी प्रकार की मरम्मत न होने के कारण निवासीयो को गंभीर समस्याओं का सामना करना पडता हैं।

इमारत में लिफ्ट की सुविधा नहीं है, वहीं गटर व्यवस्था पूरी तरह अपूरी है। हर दो दिन में सीवेज का पानी भर जाता है। मलमूत्रयुक्त पानी परिसर में जमा होकर भारी दुर्गंध फैलाता है। इसके कारण मच्छरों की संख्या बढ़ गई है, जिससे बुखार, त्वचारोग और अन्य संसर्गजन्य रोगों का धोका बढ़ गया है। पीने के पानी के लिए भी लोगों को रोजाना भटकंती करनी पड़ रही है।

इस इमारत में फिलहाल लगभग 160 परिवार (करीब 1,000 लोग) रहते हैं। अत्यंत खराब परिस्थितियों के कारण उनके स्वास्थ्य पर गंभीर परिणाम होत हैं और जीवन मुश्किल बन गया है।

इस प्रोजेक्ट का काम पिछले 17 वर्षों से लटका हुआ है और नई इमारत का निर्माण आज तक शुरू भी नहीं हुआ है। रहिवासियों ने एसआरए कार्यालय, मुंबई महानगरपालिका तथा संबंधित विभागों को कई बार लिखित शिकायतें दी हैं। बिल्डर को हटाकर नए बिल्डर की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी स्थानीय सूत्रों ने दी है

सुरक्षा का अभाव :
इस ट्रांज़िट इमारत में सुरक्षा व्यवस्था बिल्कुल नहीं है। कुछ महीनों पहले पाँचवीं मंज़िल से गिरकर एक कंत्राटदार की मौत भी हो चुकी है। इस घटना के बाद से रहिवासी लगातार भय के साये में जी रहे हैं।

पीने के पानी की किल्लत :
पानी की आपूर्ति अत्यंत अपर्याप्त है और रहिवासियों को हर दिन पानी के लिए संघर्ष करना पड़ता है।


“मैं कांचपाड़ा क्रमांक 1 के प्रोजेक्ट की जानकारी लेकर सोमवार तक संबंधित बिल्डर पर नियमानुसार कार्रवाई करूँगा।”- अरुण जाधव, एसआरए अधिकारी

“इस ट्रांज़िट इमारत में रहना मतलब मौत से खेलना है। पीने का पानी नहीं मिलता, शौचालय का गंदा पानी हमेशा जमा रहता है। बदबू और मच्छरों के कारण हमारा स्वास्थ्य खराब हो गया है।”— कृष्णा वाघमारे, निवासी

“कई वर्षों से हम इसी हालत में जी रहे हैं। प्रशासन ने अब तो ठोस कदम उठाना ही चाहिए।”— सोनी दीपक लोहट, महिला निवासी


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2 thoughts on “मालाड काचपाडा ट्रांझिट बिल्डिंग जर्जर अवस्था मे..

  1. एस आर ए अधिकारी यानी कोणत्ती ही कारवाई आज पर्यंत कलेली नाही सरकार ने पुढाकार घेऊन या अधिकारयान वर कारवाई करावी

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