
एसएमएस -प्रतिनिधी -सोमा बाबू डे.
मुंबई : मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र में नियमित रूप से धुआँ फॉगिंग न होने की शिकायत करना एक नागरिक को भारी पड़ गया। शिकायत से नाराज़ होकर एक कथित पालिका कर्मचारी ने ही शिकायतकर्ता को धमकाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में शिकायतकर्ता ने के-ईस्ट विभाग के सहायक आयुक्त तथा विलेपार्ले पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
उत्कर्ष बोरले ने दिनांक 22 जनवरी को के-ईस्ट विभाग के कीट नियंत्रण अधिकारी के पास अपने परिसर एवं विलेपार्ले स्थित दुर्वांकुर इमारत में नियमित फॉगिंग न होने की लिखित शिकायत की थी। उन्होंने शिकायत में यह भी उल्लेख किया था कि मच्छरों के प्रकोप के कारण उनकी दो वर्षीय बच्ची के हाथ और पैर पर गंभीर चोटें आई हैं। इसी के चलते उन्होंने तत्काल फॉगिंग कराने की मांग की थी।
इस शिकायत को लेकर 22 जनवरी को एसएमएस न्यूज में समाचार प्रकाशित होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने त्वरित संज्ञान लेते हुए संबंधित कर्मचारियों को दुर्वांकुर इमारत भेजा। लेकिन इसी बात से नाराज़ होकर पालिका कर्मचारी बनकर आए एक व्यक्ति ने शिकायतकर्ता को धमकाने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता उत्कर्ष बोरले के अनुसार, शुक्रवार 23 जनवरी को सुबह करीब 11.37 बजे एक व्यक्ति स्वयं को पालिका कर्मचारी बताकर इमारत में आया, लेकिन उसने कोई पहचान पत्र नहीं दिखाया। उसने अपना नाम देवराजन पलीकुंडा बताया और “दोबारा फॉगिंग की शिकायत मत करना, नहीं तो देख लूंगा” कहते हुए दो बार गाली-गलौज की और चला गया। बोरले ने यह भी बताया कि उक्त व्यक्ति अकेला नहीं था, बल्कि उसके साथ सफेद शर्ट पहने एक अन्य व्यक्ति भी मौजूद था।
यह पूरी घटना दुर्वांकुर सोसायटी में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है तथा शिकायतकर्ता ने अपने मोबाइल फोन में भी इस घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया है। बिना पहचान पत्र दिखाए, पालिका का नाम लेकर नागरिकों को धमकाना और शिकायत करने से रोकना कितना उचित है, ऐसा सवाल शिकायतकर्ता ने उठाया है।
इस मामले की गंभीरता से जांच कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, तथा भविष्य में कोई भी व्यक्ति पालिका प्रशासन के नाम पर नागरिकों को धमकाने की हिम्मत न करे, ऐसी मांग शिकायत में की गई है। इस संदर्भ में के-ईस्ट विभाग के सहायक आयुक्त तथा विलेपार्ले पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक को अलग-अलग शिकायतें सौंपी गई हैं।
कोट:
उत्कर्ष बोरले (शिकायतकर्ता):
“वह व्यक्ति वास्तव में पालिका कर्मचारी था या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। पहचान पत्र मांगने पर उसने कुछ नहीं दिखाया और केवल देवराजन पलीकुंडा नाम बताया। उसने मुझे दोबारा शिकायत न करने की धमकी दी। उसके साथ एक सफेद शर्ट पहने व्यक्ति भी था, जिसने पहले खुद को एक राजनीतिक कार्यकर्ता बताया और बाद में सामाजिक कार्यकर्ता कहकर वहां से निकल गया। पालिका आयुक्त और पुलिस को इस पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।”
नीलम दवे (कीट नियंत्रण अधिकारी, के-ईस्ट विभाग):
“मैं इस पूरे मामले की गहन जांच करूंगी। कल कनिष्ठ अधिकारियों को शिकायतकर्ता से मिलकर पूरी जानकारी लेने के निर्देश दूंगी। फिलहाल मुझे इस घटना की विस्तृत जानकारी नहीं है।”
Very bad system.
हि खुप गंभीर गोष्ट आहे मोठया पोलिस अधिकारी कडे ACP DCP या मुंबई मुख्य आयुक्ता कडे लेखि तकरार करावी