एसएमएस -प्रतिनिधी -वैशाली महाडिक
मुंबई :मुंबई नगर निगम की आज की सभा “स्कूल दत्तक नीति” के मुद्दे पर हंगामेदार रही। इस नीति के तहत नगर निगम की जिन स्कूलों को निजी संस्थाओं को संचालित करने के लिए दिया जा रहा है, वहां शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण न करने वाले अपात्र शिक्षकों की नियुक्ति कर विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है, ऐसा गंभीर आरोप लगाते हुए कांग्रेस के मालवणी क्षेत्र के नगरसेवक हैदर अली असलम शेख ने इस स्कूल दत्तक नीति को रद्द करने का प्रस्ताव सभा में पेश किया।
हैदर अली शेख ने प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के शिक्षा का अधिकार कानून के अनुसार प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए TET उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। साथ ही उच्च न्यायालय का भी इस संबंध में स्पष्ट आदेश है। इसके बावजूद निजी संस्थाएं केंद्र के कानून और उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना कर अपात्र शिक्षकों की नियुक्ति कर रही हैं।
इस मुद्दे पर सभा में जोरदार हंगामा शुरू हो गया। प्रस्ताव के समर्थन में बोलने के लिए खड़े हुए स्वीकृत नगरसेवक विरेंद्र चौधरी को भी अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिल सका। भारी शोर-शराबे के बीच प्रस्ताव को मतदान के लिए रखा गया और बहुमत के आधार पर उसे खारिज कर दिया गया।
प्रस्ताव खारिज होने के बाद हैदर अली शेख ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “देश की आर्थिक राजधानी की स्कूलों में अधिकृत शिक्षकों की भर्ती न कर निजी संस्थाओं के माध्यम से अपात्र शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। स्कूल दत्तक नीति के तहत संचालित नगर निगम स्कूलों में कितने पात्र शिक्षक हैं, इसका जवाब सत्ताधारियों के पास नहीं है। कुल मिलाकर विद्यार्थियों का भविष्य बर्बाद किया जा रहा है।”
समय समय पर लोग अपना रंग बदल लेते सच्चाई देखें तो बच्चों की भविष्य कि चिन्ता किसी को नहिं है
Very bad scheme