एसएमएस -प्रतिनिधि -सुरेश बोर्ले
मुंबई को साफ-सुथरा और सुंदर बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाने वाले मनपा सफाई कर्मचारियों की हालत बेहद दयनीय है। एक न्यूज चॅनेल आज इस गंभीर मुद्दे को जनता के सामने लाकर उनकी व्यथा उजागर की है।
मुंबई में रोज़ाना लाखों टन कचरे का निपटारा मनपा की जिम्मेदारी है, परंतु यह कार्य करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य की कोई देखभाल नहीं होती।
स्वचालित कचरा गाड़ियाँ पिछले १५ सालों से एक ही कंपनी के ठेके पर चल रही हैं। इन वाहनों की ठीक से मेंटेनेंस नहीं होने से कर्मचारी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं।
गटर, नालों और कचरे के ढेरों में काम करते हुए कई कर्मचारियों ने अपनी जान गंवाई है। न तो सुरक्षात्मक साधन हैं, न उचित चिकित्सा सुविधा, और न ही पगारवृद्धि।
एक कर्मचारी ने खुलासा किया की अधिकारी मलाई काटते हैं, जबकि कर्मचारी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।
ठेका पद्धति के कारण ना स्थायी नौकरी मिलती है, ना सेवानिवृत्ति लाभ। जीवनभर गंदगी में काम करने के बाद भी कोई सुरक्षा नहीं।
माध्यममो ने इस मुद्दे को जनता के सामने रखकर सबका ध्यान आकर्षित किया है और यह मामला ऊपरी स्तर तक पहुँचाया है।
मनपा सफाई कर्मचारिने कचरा उचलन बन्द करणार तरच सरकार जाग होणार
सच मे भयानक स्थिति है इनकी bmc क्या हो रहा है इस का जिम्मेदारकौन???
गये कई सालोसे यह मुद्दा चल रहा है.मुंबई मनपा प्रशासन कचरेकी गाडिया भी कॉन्ट्रॅक्ट पे लेती है. कई कचरोकी गाडिया बीएमसी की भी है जब की बीएमसी प्रशासन कमिश्नर इन गाडियोपर मेंटेनन्स का ध्यान नही देते…और साल यह कर्मचारी सोये हुए है!..
Very bad