
एसएमएस -प्रतिनिधी -उत्कर्ष बोर्ले
मुंबई: पहले भूमाफियाओं और खंडणीखोरों से धमकियाँ मिलने के बाद अब एसआरए अधिकारियों के कथित अनावश्यक हस्तक्षेप से वरळी आदर्श नगर स्थित सागर दर्शन हाउसिंग सोसायटी के गरीब मराठी परिवारों को गहरा झटका लगा है। एसआरए ने विकासक को हटाने के लिए धारा 13(2) के तहत नोटिस जारी किया है। इस फैसले के विरोध में परियोजना से जुड़े निवासियों ने एक पत्रकार परिषद में चेतावनी दी है कि यदि यह नोटिस वापस नहीं लिया गया तो वे आगामी मुंबई महानगरपालिका चुनावों का बहिष्कार करेंगे।
पत्रकार परिषद में बताया गया कि यह पुनर्विकास परियोजना पिछले 30 वर्षों से दो विकासकों के पास अटकी हुई थी। बाद में चिंताहर्णी चिंतापूर्णी रियल्टर्स एलएलपी के विकासक आकाश गुप्ता ने सभी आवश्यक और वैध दस्तावेज प्रस्तुत किए, जिसके बाद एसआरए ने अक्टूबर 2024 में इमारत निर्माण की अनुमति दी। निवासियों का कहना है कि नए विकासक ने जिम्मेदारी संभालते ही युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया था।
हालांकि, एसआरए के उप तहसीलदार–3 (विशेष कक्ष) डॉ. रोहन काले ने बिना किसी ठोस कारण के धारा 13(2) के तहत विकासक आकाश गुप्ता को हटाने की नोटिस जारी कर दी, जिससे गरीब मराठी परिवारों में आक्रोश फैल गया। इसके विरोध में बड़ी संख्या में महिलाओं ने एसआरए के सीईओ महेंद्र कल्याणकर के खिलाफ प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से हस्तक्षेप की मांग की। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने हाथों में तख्तियाँ पकड़ी थीं, जिन पर लिखा था—“देवाभाऊ, प्लीज सेव अस, कृपया महेंद्र कल्याणकर।”
इसी बीच यह भी सामने आया है कि नए विकासक के कार्यभार संभालते ही वसई के एक पूर्व नगरसेवक ने उनसे 10 करोड़ रुपये की खंडणी की मांग की थी। शुरुआती तौर पर 15 लाख रुपये की मांग के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उनका एक साथी अभी फरार है। निवासियों ने फरार आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
Ohh bmc यांच्या प्रश्नांवर लक्ष्य दया