एसएमएस – प्रतिनिधी -मिलन शहा
डिजिटल पेमेंट करने वालों के लिए बड़ा बदलाव सामने आ सकता है। Reserve Bank of India (RBI) ₹10,000 से अधिक के UPI और अकाउंट-टू-अकाउंट ट्रांसफर पर करीब 1 घंटे का होल्ड लगाने पर विचार कर रहा है। इसका मकसद बढ़ते डिजिटल फ्रॉड को रोकना है।
इस प्रस्ताव के तहत अगर आप ₹10,000 से ज्यादा का ट्रांजैक्शन करते हैं, तो पैसा तुरंत ट्रांसफर होने के बजाय कुछ समय के लिए होल्ड पर रहेगा। इस दौरान यूजर के पास ट्रांजैक्शन को कैंसल करने का विकल्प भी होगा।
क्यों लिया जा रहा है यह कदम?
पिछले कुछ सालों में डिजिटल फ्रॉड के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। बड़ी रकम के ट्रांजैक्शन में सबसे ज्यादा धोखाधड़ी देखी गई है। ऐसे में RBI का मानना है कि यह नया नियम बड़े फ्रॉड को रोकने में मददगार साबित हो सकता है।
APP फ्रॉड पर लगेगी लगाम
आजकल ज्यादातर फ्रॉड “Authorised Push Payment (APP)” के जरिए होते हैं, जिसमें यूजर खुद दबाव या धोखे में आकर पैसे ट्रांसफर कर देता है। 1 घंटे का होल्ड यूजर को सोचने का समय देगा और फ्रॉडस्टर्स की चाल को नाकाम कर सकता है।
अन्य प्रस्तावित सुरक्षा उपाय
70 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए “ट्रस्टेड पर्सन” की अनुमति
“किल स्विच” फीचर, जिससे तुरंत डिजिटल पेमेंट बंद किया जा सके
बड़ी रकम के ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त वेरिफिकेशन
यूजर एक्सपीरियंस पर असर संभव
UPI की सबसे बड़ी ताकत उसकी इंस्टेंट स्पीड है। ऐसे में होल्ड सिस्टम लागू होने से कुछ देरी जरूर हो सकती है, लेकिन इससे सुरक्षा मजबूत होगी।
अगर यह नियम लागू होता है, तो आपको थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है, लेकिन बदले में आपका पैसा ज्यादा सुरक्षित रहेगा।
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