
एसएमएस -प्रतिनिधी -उत्कर्ष बोरले.
म्हाडा के भूखंड पर मालवणी फेस्टिवल की अनुमति न दें! प्रशासन से लिखित शिकायत
सुरक्षा व्यवस्था और वैधानिक अनुमतियों की जांच के बाद ही आयोजन को मंजूरी देने की मांग
मुंबई : मालाड पश्चिम स्थित म्हाडा गेट क्रमांक 8, आर.एस.सी. 5 और 6 के अंतर्गत म्हाडा के स्वामित्व वाले पतंगवाला मैदान में दिवाली के अवसर पर आयोजित होने वाले ‘मालवणी फेस्टिवल’ को आवश्यक वैधानिक अनुमतियों और सुरक्षा व्यवस्था की पुष्टि किए बिना अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। इस मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने 16 अक्टूबर को संबंधित प्रशासनिक विभागों में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
आयोजक एम. आई. हाशमी के माध्यम से आयोजित होने वाले इस मेले में बड़ी संख्या में नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने और नागरिकों की जान की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को आवश्यक सावधानी बरतनी चाहिए, ऐसी मांग सम्राट बागुल ने शिकायत में की है।
शिकायत में मेले के आयोजन के लिए म्हाडा द्वारा आवंटित भूखंड की स्वीकृत सीमा, अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था, बिजली के कनेक्शन, अस्थायी संरचनाओं की मजबूती, भीड़ नियंत्रण, साफ-सफाई, शौचालयों और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं का मौके पर निरीक्षण करने की मांग की गई है। साथ ही सभी आवश्यक सरकारी अनुमतियों और अनापत्ति प्रमाणपत्रों (एनओसी) की जांच के बाद ही आयोजन को मंजूरी देने की अपील की गई है।
मेले में ‘मौत का कुआं’ जैसे जोखिमपूर्ण खेल आयोजित किए जाने की स्थिति में उनकी सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक अनुमतियों की भी जांच की जाए। नियमों का पालन नहीं होने पर ऐसे खेलों को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, यह मांग भी शिकायत में की गई है।
इस लिखित शिकायत की प्रतियां म्हाडा के उपाध्यक्ष संजीव जैस्वाल, मुख्य अधिकारी मिलिंद बोरीकर, मुख्य अभियंता महेश कुमार जैस्वानी, कार्यकारी अभियंता विहार बोडके, पुलिस उपायुक्त संदीप घुगे, मालवणी के सहायक पुलिस आयुक्त महेश कुमार ठाकुर, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रानी पुरी, अग्निशमन विभाग के अधिकारियों तथा पी/उत्तर नहीं, बल्कि पी/पश्चिम विभाग के सहायक आयुक्त कुंदन वळवी सहित संबंधित अधिकारियों को भेजी गई हैं।
सम्राट बागुल ने कहा कि नागरिकों की जान से जुड़े सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। आवश्यक अनुमतियों और सुरक्षा व्यवस्था की पुष्टि किए बिना मालवणी फेस्टिवल को मंजूरी न दी जाए तथा प्रशासन इस शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सुरक्षा संबंधी खामियों को नजरअंदाज कर अनुमति दी गई और कोई दुर्घटना हुई, तो इसके लिए जिम्मेदार म्हाडा अधिकारियों की कानूनी जवाबदेही तय की जानी चाहिए।