कुर्बानी सिर्फ जानवर की नहीं..

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एसएमएस -प्रतिनिधी -सोमा डे.

मुंबई : बकरीद के अवसर पर मुस्लिम युवाओं ने इस वर्ष भी सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का अनोखा संदेश दिया है। “एक नोटबुक, एक पेन किसी बच्चे का भविष्य बना सकता है” इस संदेश के साथ कुर्बानी की रकम का कुछ हिस्सा एकल महिलाओं के बच्चों की शिक्षा के लिए दान करने की अपील सफल विकास वेलफेयर सोसायटी और राष्ट्र सेवा दल, मालवणी, काचपाडा की ओरसे की गई है।
28 मई 2026 को बकरीद मनाई जाएगी। इस अवसर पर 2026-27 शैक्षणिक वर्ष के लिए जरूरतमंद बच्चों को नोटबुक, स्कूल फीस, स्कूल बैग अथवा आर्थिक सहायता देने का आवाहन किया गया है। “कुर्बानी सिर्फ जानवर की नहीं, सामाज के लिए भी होनी चाहिए,” ऐसा संदेश इस अभियान के माध्यम से दिया गया है।
इन युवाओं ने इससे पहले भी कई सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाई है। कोरोना काल में प्लाज्मा डोनेशन अभियान में आगे बढ़कर योगदान दिया था। इसके अलावा वरिष्ठ अभिनेता सयाजी शिंदे द्वारा सातारा जिले के मान और खटाव तालुका में चलाए गए वृक्षारोपण अभियान के लिए भी आर्थिक सहायता दी गई थी।
साथ ही केरल, सांगली, कोल्हापुर और चिपलून में आई बाढ़ के दौरान राहत कार्य कर पीड़ितों तक मदद पहुंचाई गई। पिछले चार-पांच वर्षों से कुर्बानी की राशि का कुछ हिस्सा सामाजिक कार्यों के लिए दिया जा रहा है।
कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के दौरान पर्यटकों को बचाते हुए शहीद हुए सैय्यद शाह के परिवार को भी ₹11,500 रुपये की सहायता प्रदान की गई थी।
इस सामाजिक पहल में निसार अली सैय्यद, शमा सैय्यद, वैशाली सैय्यद, अलाउद्दीन शेख, फिरोज अंसारी, नासिर सैय्यद, अफरोज अंसारी, दानीश शेख, अफजल शेख, शाहरुख सैय्यद, जफर सैय्यद, फिजा सैय्यद, मुबीना शेख, ईशा एन.एस., तौहीद शेख, इनाया एम. अफजल अंसारी, युसूफ खान, जाहिदा शेख सहित अन्य लोग शामिल हैं। ऐसी जानकारी सफल वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष निसार अली सय्यद ने दि है ।


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