खाड़ी में ‘इंटरसेप्टर’ की जांच केलीये नगरसेवक तिवाना खाडी मे..

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एसएमएस -प्रतिनिधी -उत्कर्ष.

मुंबई : मालाड खाड़ी में समुद्र में जाने वाले प्लास्टिक और अन्य तैरते कचरे को नालों व नदी-खाड़ियों में ही रोकने के लिए ‘द ओशन क्लीनअप’ संस्था का ‘इंटरसेप्टर’ पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इस परियोजना का भाजपा नगरसेवक एवं स्थायी समिति सदस्य तेजिंदर सिंह तिवाना ने प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नदीपात्र में उतरकर इंटरसेप्टर प्रणाली की कार्यप्रणाली और कचरा संकलन प्रक्रिया का जायजा लिया।
‘द ओशन क्लीनअप’ संस्था महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (MPCB), बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC), प्लास्टिक फिशर (Plastic Fischer) और यूनाइटेड वे मुंबई (United Way Mumbai) के सहयोग से यह पायलट प्रोजेक्ट चला रही है। मालाड और ट्रॉम्बे खाड़ी में इंटरसेप्टर तकनीक के माध्यम से समुद्र में जाने वाले प्लास्टिक सहित अन्य तैरते कचरे को रास्ते में ही रोकने का प्रयास किया जा रहा है। संस्था के अध्ययन के अनुसार, मुंबई से हर वर्ष करीब 50 लाख किलो प्लास्टिक अरब सागर में पहुंचता है। इस मात्रा को कम करना इस परियोजना का प्रमुख उद्देश्य है।
पायलट चरण में इंटरसेप्टर प्रणाली के जरिए कचरा संकलन के लिए बीएमसी को कोई शुल्क नहीं देना पड़ रहा है। इससे महानगरपालिका के खर्च में बचत होने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक धन के प्रभावी उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।
हाल ही में भारी बारिश और हाई टाइड के दौरान जुहू समुद्र तट पर बड़ी मात्रा में प्लास्टिक और अन्य कचरा बहकर आया था। नदियों और नालों से समुद्र में पहुंचने वाला यही कचरा वापस समुद्र तटों पर जमा हो जाता है। इससे समुद्री पर्यावरण को नुकसान पहुंचने के साथ ही समुद्री जीव-जंतुओं के लिए भी खतरा पैदा होता है। साथ ही इस कचरे को दोबारा हटाने के लिए महानगरपालिका पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ता है। ऐसे में नदी-नालों में ही कचरा रोकने वाली इंटरसेप्टर प्रणाली मुंबई के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
निरीक्षण के बाद तेजिंदर सिंह तिवाना ने कहा, “जनप्रतिनिधि के रूप में केवल निर्देश देना या उद्घाटन करना पर्याप्त नहीं है। मौके पर जाकर काम की गुणवत्ता की जांच करना और जनता की समस्याओं का समाधान करना ही वास्तविक जनसेवा है। स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण अनुकूल मालाड बनाने के लिए हम लगातार प्रयासरत रहेंगे।”
उन्होंने नागरिकों से नदी, नालों और समुद्र में कचरा नहीं फेंकने तथा गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग कर उचित तरीके से निस्तारित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ मुंबई के लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, मदद का ठिकाना पहल, खेल मैदान, उद्यान, युवा विकास कार्यक्रम, रोजगार मेले, पर्यावरण संरक्षण तथा मानसून के दौरान 24×7 सहायता कक्ष सहित विभिन्न जनहित के उपक्रमों के माध्यम से तेजिंदर सिंह तिवाना की सक्रियता दिखाई दे रही है।
मालाड के समग्र विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण, पारदर्शी प्रशासन, करदाताओं के धन की बचत और टिकाऊ विकास को प्राथमिकता देने वाले इस प्रयास की स्थानीय नागरिकों ने सराहना की है।


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