एसएमएस -प्रतिनिधी -उत्कर्ष बोरले.
मुंबई : अपराध में गिरफ्तार नहीं करने और जांच में सहयोग करने के बदले 1 लाख 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने वाले बोरीवली पुलिस थाने के पुलिस उपनिरीक्षक को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने 1 लाख 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया।
एसीबी के अनुसार, ज्ञानेश्वर पराडे (31) बोरीवली पुलिस थाने में पुलिस उपनिरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। शिकायतकर्ता (65) के खिलाफ दर्ज मामले में उन्हें और उनकी दो बहनों को गिरफ्तार नहीं करने तथा जांच में सहयोग करने के लिए पराडे ने कथित तौर पर 1 लाख 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
रिश्वत देने की इच्छा नहीं होने पर शिकायतकर्ता ने 29 सितंबर को मुंबई एसीबी में लिखित शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद 30 सितंबर को की गई जांच में रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई। बातचीत के बाद 1 लाख 30 हजार रुपये में सौदा तय हुआ।
इसके बाद 5 अक्टूबर को एसीबी ने जाल बिछाया। बोरीवली पुलिस थाने में शिकायतकर्ता से 1 लाख 30 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार करते समय पराडे को रंगेहाथ पकड़ लिया गया। उनके पास से एक मोबाइल फोन जब्त किया गया है। उनके घर की तलाशी की कार्रवाई जारी है।
इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। पराडे को 5 अक्टूबर को शाम 5.42 बजे बोरीवली पुलिस थाने से हिरासत में लिया गया।
यह कार्रवाई सहायक पुलिस आयुक्त प्रवीण नावडकर की निगरानी में पुलिस निरीक्षक विठ्ठल पिसाळ के नेतृत्व में एसीबी टीम ने की। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में आगे की जांच जारी है।