
एसएमएस -प्रतिनिधी -उत्कर्ष बोर्ले.
मुंबई : स्वतंत्रता सेनानी साथी चंदूभाई मेहता की जन्मशताब्दी के अवसर पर साथी चंदूभाई मेहता समाजसेवा प्रतिष्ठान, गोरेगांव (मुंबई) की ओर से रायगड जिला परिषद स्कूल के प्राथमिक शिक्षक नुरखॉं पठाण को इस वर्ष का ‘समाज प्रबोधन पुरस्कार’ प्रदान किया गया। यह सम्मान तुषार गांधी के हाथों प्रदान किया गया।
रायगड जिले के माणगांव तालुका स्थित निगुडमाळ गांव में कार्यरत नुरखॉं पठाण ‘घर-घर संविधान पहुंचाने वाले पठाण गुरुजी’ के रूप में जाने जाते हैं। संविधान के प्रति जनजागरूकता फैलाने के उनके कार्य को देखते हुए उन्हें इस पुरस्कार के लिए चुना गया।
शनिवार, 18 अप्रैल 2026 को गोरेगांव (पश्चिम) स्थित केशव गोरे स्मारक ट्रस्ट, आरे रोड में आयोजित समारोह में यह पुरस्कार प्रदान किया गया। इस अवसर पर सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति हेमंत गोखले, कार्यकारी विश्वस्त सुधीर देसाई, पठाण के परिवारजन सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
कार्यक्रम में नुरखॉं पठाण को 50 हजार रुपये का चेक, सम्मानपत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। हालांकि, पठाण गुरुजी ने यह कहते हुए चेक वापस संस्था को सौंप दिया कि “इस राशि की वास्तविक जरूरत संस्था को है।” उन्होंने यह सम्मान अपनी मां, पत्नी, बच्चों, सहकर्मियों, ग्रामवासियों और संविधान प्रेमी नागरिकों को समर्पित करते हुए इसे डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर को अर्पित किया।
इस दौरान न्यायमूर्ति हेमंत गोखले ने उनके कार्य की सराहना करते हुए कहा कि समाज को ऐसे प्रयासों की अत्यंत आवश्यकता है। वहीं, तुषार गांधी ने भी वर्तमान समय में संविधान के महत्व को लोगों तक पहुंचाने के लिए पठाण गुरुजी के प्रयासों की प्रशंसा की।
कार्यक्रम की प्रस्तावना सुधीर देसाई ने रखी और संस्था के कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को सक्षम नागरिक बनाने के लिए ‘फिनिक्स’ उपक्रम चलाया जा रहा है। कार्यक्रम का समापन सुचिता महाले के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संविधान प्रेमी नागरिक उपस्थित रहे।