एसएमएस -प्रतिनिधी -वैशाली महाडिक
मुंबई : मालाड पश्चिम के मालवणी इलाके में 14 स्कूलों को बंद करने की कार्रवाई के खिलाफ मुंबई हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। 21 अक्टूबर को हुई सुनवाई के बाद अदालत ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर 2026 को होगी। ऐसे में मालवणी के विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य और स्कूलों को बंद करने की कार्रवाई पर अदालत के रुख को लेकर अभिभावकों की नजरें टिकी हैं।
नाजीर बशीर खान ने यह जनहित याचिका (PIL/32/2026) दायर की है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता इरफान पठान, अधिवक्ता रोशनी करवार और अधिवक्ता रक्षंदा उपाध्याय ने अदालत में पक्ष रखा। महाराष्ट्र सरकार सहित संबंधित प्राधिकरणों को इस मामले में प्रतिवादी बनाया गया है।
शिक्षा के अधिकार का मुद्दा उठा
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के शिक्षा विभाग द्वारा निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 18 के तहत की गई कार्रवाई के बाद मालवणी के 14 स्कूलों को बंद करने का मुद्दा याचिका में उठाया गया है। अदालत ने मामले से जुड़े मुद्दों पर विचार किए जाने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए आगे की प्रक्रिया के निर्देश दिए हैं।
अदालत ने याचिकाकर्ता के वकीलों को रजिस्ट्री से जुड़ी आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा है। जिन प्रतिवादियों को अभी तक नोटिस नहीं मिला है, उन्हें निजी तौर पर नोटिस देने की अनुमति भी दी गई है। इसके साथ ही, नोटिस तामील होने के प्रमाण के रूप में अगली सुनवाई से पहले ‘एफिडेविट ऑफ सर्विस’ दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
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