
एसएमएस -प्रतिनिधी -सोमा डे.
अक्सा बीच पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की मांग
14 करोड़ के निर्माण में दरारें; सम्राट बागुल ने उच्चस्तरीय जांच की उठाई मांग
मुंबई : मालाड पश्चिम स्थित अक्सा बीच पर फुटपाथ, जॉगिंग ट्रैक और समुद्र संरक्षण दीवार के कुछ हिस्सों के क्षतिग्रस्त होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग समाजसेवक एवं सूचना का अधिकार कार्यकर्ता सम्राट बागुल ने की है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री, बंदरगाह एवं मत्स्य व्यवसाय मंत्री तथा संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजी है।
शिकायत के अनुसार, महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड की ओर से वर्ष 2022 और 2023 में अक्सा बीच पर समुद्र संरक्षण दीवार, फुटपाथ और जॉगिंग ट्रैक के निर्माण पर करीब 14 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। हालांकि, निर्माण का कुछ हिस्सा धंस गया है और वर्ष 2025 से चरणबद्ध तरीके से क्षतिग्रस्त हो रहा है। यह दावा बागुल ने किया है।
नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल
अक्सा बीच पर प्रतिदिन सुबह बड़ी संख्या में नागरिक, महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक और युवा सैर तथा व्यायाम के लिए आते हैं। ऐसे में दीवार या फुटपाथ का कोई अन्य हिस्सा गिरने पर गंभीर दुर्घटना होने की आशंका है। इसलिए खतरनाक हिस्सों का तत्काल निरीक्षण कर वहां बैरिकेडिंग लगाने, चेतावनी बोर्ड लगाने और स्थायी मरम्मत होने तक सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने की मांग की गई है।
ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की भी हो जांच
बागुल ने मांग की है कि समुद्र संरक्षण दीवार की नींव, कंक्रीट की गुणवत्ता, लोहे की छड़ों के इस्तेमाल और समुद्री पानी से होने वाले कटाव को रोकने के लिए किए गए उपायों की स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति से जांच कराई जाए। निर्माण में घटिया सामग्री, कमजोर नींव, समुद्री लहरों या अन्य तकनीकी खामियों के कारण नुकसान हुआ है या नहीं, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
इसके साथ ही निर्माण कार्य की निविदा, अनुबंध, माप पुस्तिका, गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट और भुगतान संबंधी दस्तावेजों की जांच कर ठेकेदार, संबंधित अधिकारियों और अभियंताओं की जिम्मेदारी तय की जाए। यदि लापरवाही या अनियमितता साबित होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई कर मरम्मत का खर्च जिम्मेदार लोगों से वसूलने की मांग भी की गई है।
बागुल के अनुसार, 8 अक्टूबर को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, बंदरगाह एवं मत्स्य व्यवसाय मंत्री नितेश राणे, महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रदीप पी., मुंबई महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे और मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती को शिकायत भेजी गई है।
“दुर्घटना होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय उसे रोकने के लिए पहले से ही जरूरी उपाय करना आवश्यक है। अक्सा बीच पर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन तत्काल जांच करे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे,” ऐसी मांग समाजसेवक सम्राट बागुल ने की है।