
एसएमएस -प्रतिनिधी -सोमा डे.
मुंबई : बेस्ट कर्मचारियों द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर किए गए हड़ताल के कारण शुक्रवार को मुंबई के आम नागरिकों और नौकरीपेशा लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। रोजाना की तरह काम पर जाने के लिए घर से निकले कई लोगों को शुरुआत में हड़ताल की जानकारी ही नहीं थी। बस स्टॉप पर काफी देर इंतजार करने के बाद जब बस सेवा बंद होने की जानकारी मिली, तो यात्रियों में शेयर ऑटो पकड़ने की होड़ मच गई।
हालांकि, ऑटो रिक्शा की कमी के कारण कई यात्रियों को वाहन नहीं मिल पाया। कुछ लोगों ने काफी देर तक इंतजार करने के बाद घर वापस लौटना ही बेहतर समझा, जिसके चलते वे काम पर नहीं जा सके। वहीं, कुछ यात्रियों ने मालवणी से मालाड तक शेयर ऑटो के अचानक बढ़े हुए किराए का भुगतान कर मालाड रेलवे स्टेशन पहुंचकर आगे का सफर तय किया।
रोजाना मजदूरी कर अपना परिवार चलाने वाले मजदूर, राजमिस्त्री, बेलदार और बढ़ई वर्ग के लोगों को इस हड़ताल का सबसे ज्यादा खामियाजा भुगतना पड़ा। मालवणी क्षेत्र से अंधेरी, मरोल, मुलुंड, जुहू, दहिसर और घाटकोपर जैसे इलाकों में काम के लिए जाने वाले कई श्रमिक बेस्ट बस सेवा पर निर्भर हैं। लेकिन बस सेवा ठप रहने के कारण वे अपने कार्यस्थलों तक नहीं पहुंच सके, जिससे उनकी दिनभर की मजदूरी भी प्रभावित हुई और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
मुंबई की जीवनरेखा मानी जाने वाली बेस्ट बस सेवा में हुई इस हड़ताल का सीधा असर आम नागरिकों और नौकरीपेशा वर्ग पर पड़ा है। इससे शहर की दैनिक जीवनचर्या भी कुछ समय के लिए अस्त-व्यस्त हो गई।
यह सब जनता को परेशान करने काम है ताकी बड़े लोगो के जेब भरे और जनता परेशान होती रहे जनता के बारे मे सोचने के किसी के पास टाइम नहीं है