
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीतिक और सामाजिक घटनाओं के गहन विश्लेषक, वरिष्ठ पत्रकार और मजदूर आंदोलन के सक्रिय कार्यकर्ता प्रताप आसबे का बुधवार (28 अक्टूबर) शाम हिंदुजा अस्पताल में बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन से महाराष्ट्र की राजनीतिक पत्रकारिता में एक अनुभवी और अध्ययनशील आवाज खो गई है। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटे, बहुएं और पोते-पोतियां हैं। गुरुवार को शिवाजी पार्क श्मशानभूमि में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
प्रताप आसबे ने पत्रकारिता में आने से पहले सामाजिक और मजदूर आंदोलनों में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। मराठवाड़ा विश्वविद्यालय नामांतर आंदोलन के दौरान उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। वह युवक क्रांति दल और गिरणी कामगार सभा के पूर्णकालिक कार्यकर्ता रहे। उन्होंने मजदूरों और असंगठित क्षेत्र के खेत मजदूरों के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष किया। इसके बाद उन्होंने विभिन्न समाचार पत्रों में लंबे समय तक पत्रकारिता की और महाराष्ट्र की राजनीतिक एवं सामाजिक परिस्थितियों का गहन विश्लेषण किया।
राजनीतिक नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि प्रताप आसबे के निधन से पत्रकारिता जगत को बड़ी क्षति हुई है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि उनके निधन से राज्य ने एक अच्छे और गहन अध्ययन करने वाले पत्रकार को खो दिया है।
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने उनके सूक्ष्म निरीक्षण और गहन विश्लेषण को पत्रकारिता की विशेषता बताया। वहीं, वरिष्ठ नेता शरद पवार ने कहा कि प्रताप आसबे ने पत्रकारिता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
Om shanti Om